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अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, एमपी के सीएम ने दी श्रद्धांजलि – धारकुंडी आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन महंत को सोमवार को समाधि

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यूपी-एमपी सीमा पर स्थित प्रसिद्ध धारकुंडी आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन महंत स्वामी परमहंस सच्चिदानन्द महाराज का पार्थिव शरीर रविवार दोपहर चित्रकूट पहुंचा। अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला समेत यूपी-एमपी के मंत्री, अधिकारी और संत-महंतों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। सोमवार को आश्रम परिसर में उन्हें समाधि दी जाएगी।

 श्रद्धांजलि में पहुंचे मुख्यमंत्री-मंत्री

महंत के ब्रह्मलीन होने की सूचना मिलते ही रविवार तड़के से ही भक्तों की भीड़ धारकुंडी आश्रम पहुंचने लगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला समेत छह से अधिक मंत्रियों, संत-महंतों और विद्वानों ने पुष्पांजलि अर्पित कर चरण स्पर्श किए।
चित्रकूट (यूपी) व सतना (एमपी) के डीएम-एसपी समेत भारी पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहा।

 विशेष विमान से लाया गया पार्थिव शरीर

धारकुंडी आश्रम के संस्थापक स्वामी परमहंस सच्चिदानन्द महाराज का शनिवार को मुंबई के बदलापुर स्थित आश्रम में 102 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।
उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार पार्थिव शरीर विशेष विमान से चित्रकूट लाया गया।
चार सौ से अधिक गाड़ियों का काफिला महंत स्वामी अड़गड़ानंद महाराज के नेतृत्व में धारकुंडी पहुंचा।
रास्ते भर शिष्यों ने जगह-जगह वाहन रोककर अंतिम दर्शन किए।

फूलों की बारिश, हाथ जोड़कर विदाई

दोपहर करीब एक बजे पार्थिव शरीर धारकुंडी आश्रम पहुंचते ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।
भक्तों ने फूलों की बारिश कर हाथ जोड़कर अंतिम प्रणाम किया।
देर शाम तक श्रद्धांजलि का सिलसिला चलता रहा।

सोमवार को समाधि, अंतिम दर्शन जारी रहेंगे

आश्रम के संत रामायण बाबा व संजय बाबा ने बताया कि सोमवार को समाधि स्थल के पास पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
दोपहर बाद निर्माणाधीन नए भवन में समाधि दी जाएगी।

विशेष कार की सीट पर बैठी मुद्रा में लाया गया पार्थिव शरीर

ब्रह्मलीन महंत को विशेष कार की सीट पर बैठी मुद्रा में लाया गया, जिससे रास्ते भर भक्तों को दर्शन में सुविधा रही।
आश्रम परिसर में उनके बैठक कक्ष व प्रवचन कक्ष में दर्शन कराए गए।
मुख्य द्वार के पास नया समाधि स्थल उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार तैयार किया गया है।

सेवादारों ने प्रसाद व ठहरने की की व्यवस्था

लगभग 20 हजार श्रद्धालु अंतिम दर्शन के लिए धारकुंडी आश्रम पहुंचे।
मानिकपुर के भक्त नीलकमल शुक्ला व जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने भगवान जगन्नाथ मंदिर में प्रसाद की व्यवस्था की।
आश्रम सेवादारों ने भक्तों के ठहरने और भोजन की समुचित व्यवस्था की।

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